11:10 PM, 04-Mar-2026
अमेरिका ने पाकिस्तान में कर्मचारियों को वापस बुलाया
अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच मध्य पूर्व और पाकिस्तान में अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के लिए यात्रा चेतावनी को लेवल-3 यानी ‘यात्रा पर पुनर्विचार करें’ तक बढ़ा दिया है। कुवैत, बहरीन, कतर और पाकिस्तान के लिए भी यही स्तर लागू है। अधिकारियों ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे तथा क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह कदम उठाया है। कतर में अमेरिकी दूतावास ने नियमित सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।
11:10 PM, 04-Mar-2026
पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस का बड़ा कदम, भारत को 95 लाख बैरल तेल भेजने को तैयार
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच रूस ने भारत को बड़ा आश्वासन दिया है। रूस ने कहा है कि वह भारत को 95 लाख बैरल कच्चा तेल भेजने के लिए तैयार है, ताकि आपूर्ति संकट के बीच भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सके। मौजूदा हालात में भारत के कच्चे तेल के भंडार सीमित स्तर पर हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश के पास फिलहाल करीब 25 दिनों की मांग के बराबर ही कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। इसके अलावा डीजल, पेट्रोल और एलपीजी जैसे ईंधनों का स्टॉक भी सीमित है, जिससे आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से स्थिति और गंभीर हो गई है। ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद कई जहाजों पर हमले हुए, जिसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री मार्ग लगभग बंद हो गया है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि देश के करीब 40 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से होता है। ऐसे में आपूर्ति में बाधा आने से भारत को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ी है। भारत के रिफाइनरी संयंत्र रोजाना लगभग 56 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण करते हैं। ऐसे में रूस का यह प्रस्ताव भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे मौजूदा संकट के दौरान ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है
10:30 PM, 04-Mar-2026
चीन और इस्राइल के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत, युद्ध रोकने पर जोर
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार के बीच मंगलवार को फोन पर बातचीत हुई। बातचीत के दौरान वांग यी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय विवादों का समाधान बातचीत और परामर्श के जरिए होना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का पालन करने और बल प्रयोग से बचने की अपील की। वांग यी ने इस्राइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों का विरोध करते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई समस्याओं का समाधान नहीं करती। उन्होंने युद्ध को तुरंत रोकने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
10:26 PM, 04-Mar-2026
ईरान से निकाले गए 25 चीनी नागरिक तुर्कमेनिस्तान होते हुए अपने घर के लिए रवाना हुए
3 मार्च को ईरान से तुर्कमेनिस्तान लाए गए 25 चीनी नागरिक 4 मार्च की सुबह अपने घर के लिए रवाना हो गए। निकाले गए चीनी लोग तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। तुर्कमेनिस्तान स्थित चीनी दूतावास के एक कार्य दल ने चेक-इन प्रक्रियाओं में सहायता की। तुर्कमेनिस्तान स्थित चीनी दूतावास के कार्यवाहक प्रभारी चोंग हुआ ने हवाई अड्डे पर उनसे मुलाकात करते हुए कहा, “मातृभूमि विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों के लिए हमेशा एक मजबूत सहारा रहेगी। पार्टी और सरकार विदेशों में रहने वाले प्रत्येक चीनी नागरिक की सुरक्षा के लिए हमेशा चिंतित रहती है। दूतावास हमेशा अपने देशवासियों के साथ है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। हम अपने सभी देशवासियों को सुरक्षित और सुगम घर वापसी की शुभकामनाएं देते हैं।”
ईरान में पढ़ रहे चीनी छात्र मा हैलोंग भी निकाले गए लोगों में शामिल थे। उन्होंने कहा, “जब हमें पहली बार युद्ध शुरू होने की खबर मिली, तो हम भयभीत हो गए थे, हमें डर था कि किसी भी क्षण गोले हमारे सिर पर गिरेंगे। सौभाग्य से, हमने तुरंत ईरान स्थित चीनी दूतावास से संपर्क किया, और हमें राहत मिली। दूतावास से संपर्क करना ऐसा लगा जैसे हम बचपन में अपने परिवार के साथ हों। हमें बहुत सुरक्षित महसूस हुआ। मार्च की शुरुआत में, तुर्कमेनिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने एक नोटिस जारी किया और तुर्कमेनिस्तान से गुजर रहे चीनी नागरिकों को स्वदेश लौटने में आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सीमा चौकी पर तुरंत एक कार्य दल भेजा। दूतावास ने कहा कि वह ईरान से निकाले गए चीनी लोगों की सहायता करने और उनके देशवासियों को सुरक्षित घर लौटने में मदद देने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।
10:16 PM, 04-Mar-2026
‘हमला करना मजबूरी’, खाड़ी देशों से बोले ईरानी राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी देशों से कहा है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद तेहरान के पास जवाबी कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अरबी और फारसी में किए गए पोस्ट में कहा कि ईरान ने शुरुआत में कूटनीति के जरिए युद्ध टालने की कोशिश की थी, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने उसे जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया।
पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ईरान उनकी संप्रभुता का सम्मान करता है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में स्थायी सुरक्षा केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। इस दौरान अराघची ने उन दावों को खारिज कर दिया कि ईरान ने कतर में केवल अमेरिकी हितों को निशाना बनाया था।
08:32 PM, 04-Mar-2026
ईरान ने गुप्त तरीके से अमेरिका से शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया, रिपोर्ट्स में दावा
अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने कथित तौर पर गुप्त तरीके से अमेरिका से शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ठुकराते हुए कहा कि अब बातचीत के लिए देर हो चुकी है। इस्राइली हमलों के बाद ईरान में नेतृत्व संकट भी गहराता जा रहा है। खामेनेई की मौत के बाद नए सुप्रीम लीडर को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
08:02 PM, 04-Mar-2026
होरमुज जलडमरूमध्य में संकट गहराया
200 से ज्यादा जहाज खुले समुद्र में फंसेमध्य पूर्व संघर्ष के बीच होरमुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार लगभग ठप हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 200 जहाज, जिनमें तेल और एलएनजी टैंकर भी शामिल हैं, खाड़ी के देशों इराक, सऊदी अरब और कतर के तटों के पास खुले समुद्र में लंगर डाले खड़े हैं। कई अन्य जहाज बंदरगाहों तक पहुंचने में असमर्थ हैं। यह जलमार्ग दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति के लिए अहम माना जाता है। संकट के कारण कतर ने गैस उत्पादन रोका है और इराक ने तेल उत्पादन घटा दिया है।
08:01 PM, 04-Mar-2026
इस्फहान परमाणु केंद्र के पास नुकसान, लेकिन रेडिएशन का खतरा नहीं: IAEA
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए ने कहा है कि ईरान के इस्फहान परमाणु केंद्र के पास दो इमारतों को नुकसान हुआ है। सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया कि जिन जगहों पर परमाणु सामग्री रखी जाती है वहां कोई नुकसान नहीं हुआ है और रेडिएशन फैलने का कोई खतरा नहीं है। आईएईए ने यह भी कहा कि नतांज और बुशेहर समेत अन्य परमाणु स्थलों पर भी कोई नया नुकसान दर्ज नहीं किया गया है।
07:40 PM, 04-Mar-2026
अमेरिका के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे- स्पेन की उप प्रधानमंत्री
स्पेन की उप प्रधानमंत्री मारिया जीसस मोन्टेरो ने कहा है कि उनका देश अमेरिका का “वसल” नहीं बनेगा और किसी भी तरह की धमकी को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान उस विवाद के बीच दिया जब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर स्पेन अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए नहीं करने देता तो अमेरिका व्यापारिक संबंध खत्म कर सकता है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी कहा कि यह संघर्ष दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
07:40 PM, 04-Mar-2026
तेल अवीव के पास इस्राइली सैन्य ठिकाने पर ड्रोन हमला
हिज्बुल्ला ने दावा किया है कि उसने तेल अवीव के दक्षिण-पूर्व में स्थित इस्राइली सैन्य अड्डे ‘तेल हाशोमर बेस’ पर ड्रोन से हमला किया है। संगठन के बयान के अनुसार उसके लड़ाकों ने आज एक ड्रोन का झुंड भेजकर इस ठिकाने को निशाना बनाया। हिज्बुल्लाह ने कहा कि यह कार्रवाई लेबनान के कई शहरों और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इस्राइली हमलों के जवाब में की गई। वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि लेबनान से दागे गए कई ड्रोन को रास्ते में ही रोक लिया गया।
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