|

Zee Live News News, World's No.1 News Portal

‘देश की आत्मा आदिवासियों ने सुरक्षित रखी’: RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- सेवा उपकार नहीं, हमारा धर्म है

Author: admin_zeelivenews

Published: 02-05-2026, 3:58 AM
‘देश की आत्मा आदिवासियों ने सुरक्षित रखी’: RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- सेवा उपकार नहीं, हमारा धर्म है
Telegram Group Join Now

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को मुंबई में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तमाम विदेशी आक्रमणों और भीषण कष्टों के बावजूद, देश की पहचान और उसकी आत्मा को आदिवासी समुदायों और अनुसूचित जातियों ने ही सुरक्षित रखा। भागवत यहां कर्मयोगी पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित थे।

मानव जीवन का अर्थ दुनिया को वापस देने में है- भागवत

उन्होंने कहा, ‘मानव जीवन का अर्थ दुनिया को वापस देने में है। हम सभी एक ही विशाल परिवार का हिस्सा हैं। व्यक्ति समाज की बेहतरी के लिए जो कार्य करता है, वह कोई उपकार नहीं बल्कि उसका कर्तव्य है।’ भागवत के अनुसार, दूसरों की सेवा करने से हमारा अपना विकास होता है। दूसरों को आगे बढ़ने में मदद करके हम स्वयं को ऊपर उठाते हैं और एक बेहतर इंसान बनते हैं। उन्होंने इसे भारतीय भूमि और हिंदू समाज का मूल मूल्य बताया।

संघ प्रमुख ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत की इस मूल्य व्यवस्था को ही निशाना बनाया था। वे जानते थे कि यह समाज की आत्मा है। उन्होंने उन लोगों को जड़ से उखाड़ने और उन्हें प्रताड़ित करने की पूरी कोशिश की, जिन्होंने इस पहचान को जीवित रखा। भागवत ने कहा, ‘इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों ने देश की मूल पहचान को अक्षुण्ण रखा।’

भागवत ने की ये अपील

उन्होंने कहा कि तथाकथित शिक्षित और विकसित वर्ग समय के साथ इन समुदायों से दूर हो गया है। भागवत ने इस अंतर को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। उन्हें सेवाओं और सुविधाओं तक समान पहुंच मिलनी चाहिए।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान दुनिया संतुलन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसे में भारत एक स्थिर शक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को न केवल अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए, बल्कि दुनिया की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

Source link
#दश #क #आतम #आदवसय #न #सरकषत #रख #RSS #परमख #महन #भगवत #बल #सव #उपकर #नह #हमर #धरम #ह

Related News

Leave a Comment

Plugin developed by ProSEOBlogger
Facebook
Telegram
Telegram
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free Ypl themes.
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes